Corporate: H-70, Sector-63, Noida (UP), 201301
Studio: C-56, A/20, Sec-62, Noida (UP)

होम बड़ी खबर राज्य खेल विश्व मनोरंजन आस्था
जरा इधर भी व्यापार जोक्स हमारे बारे में पत्रिका
17, January,2018 12:32:51
मेरठ बेटी की मौत का खुलासा एसएसपी ने चारों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश कर किया खुलासा प्रेसवार्ता कर एसएसपी ने किया खुलासा गैंगरेप के प्रयास से आहत होकर लगाई थी बेटी ने आग आरोपी फोन कर बेटी को करते थे परेशान दो महीने से लगातार कर रहे थे छात्रा को कॉल दिन में हुआ था गैंगरेप का प्रयास रात में बेटी ने लगाई थी आग लापरवाह एसओ को लाइन हाजिर कर बैठाई जांच बेटी को खुद को जलाने के बाद उपचार के दौरान हुई थी मौत | मेरठ :-अज्ञात युवती का शव मिलने से सनसनी धारदार हथियार से चेहरे पर वार कर की युवती की हत्या गन्ने के खेत मे पड़ा मिला युवती का अस्त व्यस्त शव रेप के बाद हत्या करके शव फेके जाने की आशंका मौके पर पहुँची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज जांच में जुटी पुलिस थाना परतापुर क्षेत्र के अधेड़ा गांव का मामला | वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह को संबोधित किया। | | | केमिकल की दुकान में लगी आग | भदोही- पांच हजार का इनामी धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार | स्पेशल टास्क फोर्स ने 10-10 हजार के तिन ईनामी बदमाशों को किया गिरफ्तार | संदिग्ध परिस्थिति में मौत | इलाहाबाद । घूरपुर थाना क्षेत्र के करमा बाजार मे पुलिस टीम पर पथराव पुलिस ने की बचाव मे कई राउन्ड हवाई फायरिग !दुकान मे लगाई गयी आग । |
News in Detail
‘मन में हो विश्वास तो पूरी होती है हर आस’
21 Jul 2016 IST
Print Comments    Font Size  
उत्तरकाशी(चन्द्र शेखर नौटियाल)।
अगर भगवान के प्रति सच्ची आस्था और विश्वास हो तो भगवान इतने भोले हैं कि उनकी हर मनोकामना पूर्ण कर देते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि जो भक्त श्रावण मास में भगवान भोले नाथ के मन्दिर में पैदल कई किलोमीटर चल कर जलाभिषेक व बेलपत्र, दूध, आदि चढ़ाता है तो भगवान उसके समस्त दुःखों को हर लेते हैं। यह भी माना जाता है कि श्रावण मास में हर सोमवार को भगवान भोले नाथ के मन्दिर में जलाभिषेक करने से भगवान अति प्रसन्न होते है और अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं।
उत्तरकाशी में बाबा भोले नाथजी का विशाल मन्दिर है और वहां पर भी हजारों भक्त बाबा भोले नाथ का दर्शन करते हैं। श्रावण मास में कावड़ यात्रा का बहुत महत्व है। इस कावड़ यात्रा में नगें पांव चल कर जमीन पर जल नहीं रखना और अपने गन्तव्य पर आगे बढ़ते रहना ही कावड़ यात्रा को अदभुत और प्रभावशाली बनाता है। करीब एक माह की पैदल यात्रा शिवरात्रि को पूरी होती है। इस दिन सभी भक्तों को जल चढ़ाना अनिवार्य हो जाता है। उत्तराखण्ड में बारिश का सिलसिला जारी रहने पर भी इन शिव भक्तों की अटूट श्रद्वा बनी रही और मार्ग बन्द होने पर भी इनके हौंसले बुलन्द रहे और शिव के जयकारों को लगाते हुए ये आगे बढ़ते रहे।

 

Send Comments
Name
Location
Email
Comments
  Please Enter the above Characters
होमबड़ी खबरराज्यखेलविश्व लाइफ स्टाइलआस्था
जरा इधर भी व्यापार जोक्स हमारे बारे में
 
 

 

Copy Rights Reserved By www.indiacrime.in - 2015