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19, September,2018 10:57:23
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‘मन में हो विश्वास तो पूरी होती है हर आस’
21 Jul 2016 IST
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उत्तरकाशी(चन्द्र शेखर नौटियाल)।
अगर भगवान के प्रति सच्ची आस्था और विश्वास हो तो भगवान इतने भोले हैं कि उनकी हर मनोकामना पूर्ण कर देते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि जो भक्त श्रावण मास में भगवान भोले नाथ के मन्दिर में पैदल कई किलोमीटर चल कर जलाभिषेक व बेलपत्र, दूध, आदि चढ़ाता है तो भगवान उसके समस्त दुःखों को हर लेते हैं। यह भी माना जाता है कि श्रावण मास में हर सोमवार को भगवान भोले नाथ के मन्दिर में जलाभिषेक करने से भगवान अति प्रसन्न होते है और अपने भक्तों पर सदैव कृपा बनाए रखते हैं।
उत्तरकाशी में बाबा भोले नाथजी का विशाल मन्दिर है और वहां पर भी हजारों भक्त बाबा भोले नाथ का दर्शन करते हैं। श्रावण मास में कावड़ यात्रा का बहुत महत्व है। इस कावड़ यात्रा में नगें पांव चल कर जमीन पर जल नहीं रखना और अपने गन्तव्य पर आगे बढ़ते रहना ही कावड़ यात्रा को अदभुत और प्रभावशाली बनाता है। करीब एक माह की पैदल यात्रा शिवरात्रि को पूरी होती है। इस दिन सभी भक्तों को जल चढ़ाना अनिवार्य हो जाता है। उत्तराखण्ड में बारिश का सिलसिला जारी रहने पर भी इन शिव भक्तों की अटूट श्रद्वा बनी रही और मार्ग बन्द होने पर भी इनके हौंसले बुलन्द रहे और शिव के जयकारों को लगाते हुए ये आगे बढ़ते रहे।

 

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