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'आसान नहीं था ओसामा को मार गिराने वाला अभियान'- हिलेरी
09 Sep 2016 IST
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वॉशिंगटन।
हिलेरी क्लिंटन ने 9/11 हमले की 15वीं बरसी से पहले ओसामा को मारने के लिए चलाए गए 'ऑपरेशन नेप्ट्यून स्पीयर' को याद किया। अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार ने कहा कि अलकायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन के खिलाफ पाकिस्तान में चलाया गया ये अभियान ‘आसान फैसला नहीं’ था। पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि मैं उस छोटे समूह का हिस्सा थी जो राष्ट्रपति ओबामा को सलाह दे रहा था कि ओसामा बिन लादेन को आखिरकार दंडित करने की कोशिश के तहत पाकिस्तान में घुसने का जोखिम लेने के लिए हमारी खुफिया जानकारी पर्याप्त है या नहीं। उन्होंने नॉर्थ कैरोलिना प्रांत में एक चुनाव रैली में कहा कि ये किसी भी तरह से एक आसान फैसला नहीं था। ये कभी नहीं था। उन्होंने कहा कि अब आप जानते हैं कि क्या हुआ था। मैं सिचुऐशन रूम में थी और घटनाक्रम पर मेरी नजर थी।

वो शायद मेरी जिंदगी के सबसे तनावपूर्ण 30 मिनट थे। हिलेरी ने 9/11 हमले के मास्टरमाइंड ओसामा के खिलाफ पाकिस्तान के एबटाबाद में एक गुप्त ठिकाने पर अमेरिकी सैन्य अभियान से जुड़ी भीतरी जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि उस तरह के हालात को लेकर फैसले लेने के लिए 'सिचुऐशन रूम' में बातचीत का नेतृत्व करने वाले के पास रूख से तथ्य अलग करने की क्षमता होनी चाहिए, उसमें कड़े सवाल पूछने की क्षमता होनी चाहिए, सबसे मुश्किल सुरागों पर आगे बढ़ने की क्षमता होनी चाहिए। हिलेरी ने न्यूयार्क के ट्विन टावर पर हुए हमले की 15वीं बरसी से तीन दिन पहले ये टिप्पणी की। गौरतलब है कि न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड पार्क (डब्लूटूसी) पर हुए अलकायदा के इस हमले में 3,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अफगानिस्तान के अंदर हमला शुरू कर दिया था। फिर दो मई, 2011 को चलाए गए अभियान में ओसामा को मौत के घाट उतार दिया था।

 

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