होम बड़ी खबर राज्य खेल विश्व मनोरंजन आस्था
जरा इधर भी व्यापार जोक्स हमारे बारे में पत्रिका
11, December,2018 08:47:27
गौतमबुद्धनगर में 4 और गुंडों को 6 माह के लिए किया जिला बदर | हिट एण्ड रन मामला. | बेटे ने पिता पर किया धारदार हथियार से हमला, गंभीर हालत में पिता को अस्पताल में भर्ती | अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी, एक दिन में एक हजार पंजीकरण हो रहे | कार में लगी आग, ड्राइवर की मौके पर हुई मौत | रंजिश को लेकर चली गोलियां, 4 लोग हुवे घायल | मकान में बिजली करंट से तीन मजदूर झुलसे | चलती कार में महिला के साथ गैंगरेप.. | ट्रक और रोडवेज बस में भीषण भिड़ंत | पुलिस जवानों,ईमानदारी और कर्तव्य परायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें |
News in Detail
फौरन सरेंडर करें, फैसला नहीं बदलेंगे-सुप्रीम कोर्ट; शशिकला ने मांगा था 2 हफ्ते का वक्त
15 Feb 2017 IST
Print Comments    Font Size  
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद बुधवार को गोल्डन बे रिजॉर्ट में विधायकों से मिलने के बाद शशिकला रो पड़ीं। कहा कि मैं पार्टी के लिए काम करती रहूंगी।
बताया जाता है कि रिजॉर्ट में शशिकला के साथ करीब 100 विधायक थे।
उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि तमाम मुश्किलों के बावजूद इतने एमएलए ने मेरा सपोर्ट किया।"
बता दें कि बेहिसाब प्रॉपर्टी के केस में 21 साल बाद तय हुआ कि जया-शशिकला की आय से ज्यादा बेहिसाब प्रॉपर्टी 8% नहीं, 541% थी। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले पर मुहर लगाई थी।
पहले कोर्ट ने चिनम्मा को रोका
शशिकला यानी चिनम्मा सीएम बनना चाहती थीं।
पन्नीरसेल्वम उन्हें रोकना चाहते थे। विधायक बंटे हुए थे।
ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आता है...। शशिकला को 4 साल की जेल सुनाई जाती है।
4 साल की जेल यानी 6 साल के लिए चुनाव नहीं लड़ सकतीं और 10 साल तक मुख्यमंत्री नहीं बन सकतीं।
चिनम्मा खेमा निराश हुआ और पन्नीरसेल्वम खेमे खुशी की लहर दौड़ गई।
फिर चिनम्मा ने पन्नीर को रोका
पन्नीर की राह का सबसे बड़ा कांटा कोर्ट ने हटा दिया था। उनका सीएम बनना तय लगने लगा।
तभी शशिकला एक्टिव हुईं। तुरंत पन्नीर और उनके समर्थकों को पार्टी से बाहर निकाल दिया।
इसके बाद अपनी अम्मा (जया) की तर्ज पर पलानीस्वामी को नेता घोषित कर दिया। वैसे ही जैसे जेल जाते समय अम्मा ने पन्नीर को किया था।
क्या पन्नीर, पलानी को रोकेंगे?
खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। शशिकला के जेल जाने के बाद पन्नीरसेल्वम अब पलानीसामी की मुश्किलें बढ़ाएंगे।
पार्टी के ज्यादातर विधायक पन्नीरसेल्वम के पक्ष में आ सकते हैं।
पार्टी टूट भी सकती है। आने वाले 10 दिन बता देंगे कि तमिलनाडु की राजनीति की दिशा और दशा क्या होगी।
इसी बीच, जया की भतीजी दीपा जयकुमार खुलकर पन्नीरसेल्वम के सपोर्ट में आ गई हैं।
एक बार फिर टूट की कगार पर AIADMK
एआईएडीएमके की सीनियर लीडर्स का मानना है कि पार्टी एक बार फिर बुरे दौर से गुजर रही है। एक बार फिर से टूट हो सकती है।
1972 में एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) ने एआईएडीएमके का गठन किया था।
1987 में पहली बार पार्टी में दो धड़ों में बंट गई। 1989 में चुनाव में हार मिली।
1991 में जयललिता ने चुनाव में जीत हासिल कर खुद को राजनीति में स्थापित कर लिया।
एमजीआर की बायोग्राफी लिखने वाले आर कन्नन के मुताबिक, 'पन्नीरसेल्वम पार्टी कैडर को रिप्रेजेंट करते हैं। उनमें शशिकला को लेकर एक नाराजगी और भ्रम की स्थिति है। इसका एक कारण ये भी है कि शशिकला के पास सरकार चलाने का एक्सपीरियंस भी नहीं है।'
'ये भी साफ नहीं है कि जयललिता की विरासत किसके हाथ में रहेगी। 1989 की तरह इसका असर वोटर पर पड़ सकता है।'

 

Send Comments
Name
Location
Email
Comments
  Please Enter the above Characters
होमबड़ी खबरराज्यखेलविश्व लाइफ स्टाइलआस्था
जरा इधर भी व्यापार जोक्स हमारे बारे में
 
 

 

Copy Rights Reserved By www.24x7indiaonline.com - 2018