होम बड़ी खबर राज्य खेल विश्व मनोरंजन आस्था
जरा इधर भी व्यापार जोक्स हमारे बारे में पत्रिका
10, December,2018 04:28:21
गौतमबुद्धनगर में 4 और गुंडों को 6 माह के लिए किया जिला बदर | हिट एण्ड रन मामला. | बेटे ने पिता पर किया धारदार हथियार से हमला, गंभीर हालत में पिता को अस्पताल में भर्ती | अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी, एक दिन में एक हजार पंजीकरण हो रहे | कार में लगी आग, ड्राइवर की मौके पर हुई मौत | रंजिश को लेकर चली गोलियां, 4 लोग हुवे घायल | मकान में बिजली करंट से तीन मजदूर झुलसे | चलती कार में महिला के साथ गैंगरेप.. | ट्रक और रोडवेज बस में भीषण भिड़ंत | पुलिस जवानों,ईमानदारी और कर्तव्य परायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें |
News in Detail
फोर्टिस के बाद BLK हॉस्पिटल में लापरवाही, बच्ची की मौत, खर्च आया 19 लाख
11 Dec 2017 IST
Print Comments    Font Size  
प्राइवेट अस्पतालों द्वारा इलाज के नाम पर लोगों से मनमाना कीमत वसुलने का एक और मामला सामने आया है. दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने आई बच्ची की जान तो नहीं बच सकी, लेकिन अस्पताल ने बच्ची के परिजनों को 19 लाख रुपये का बिल जरूर पकड़ा दिया.

इतना ही नहीं अस्पताल ने बिल चुकाने तक बच्ची का शव भी परिजनों को नहीं सौंपा. मामला दिल्ली के सुपर स्पेशिएलिटी BLK हॉस्पिटल का है. जानकारी के मुताबिक, ग्वालियर के रहने वाले नीरज गर्ग अपनी बच्ची को बोन ट्रांसप्लांट के लिए दिल्ली के BLK हॉस्पिटल में भर्ती करवाया था.

बच्ची को 31 अक्टूबर, 2017 को अस्पताल में भर्ती करवाया गया. लेकिन अस्पताल में ही इलाज के दौरान बच्ची को संक्रमण हो गया. संक्रमण के चलते बच्ची को हॉस्पिटल के ICU में रखना पड़ा. बच्ची का अस्पताल में पूरे 25 दिन तक इलाज चला, लेकिन डॉक्टर बच्ची की जान नहीं बचा सके.

बच्ची को 22 नवंबर को ICU में भर्ती किया गया था और तीन दिन बाद 25 नवंबर को उसकी मौत हो गई. बच्ची का इलाज सफलता पूर्वक न करने के बावजूद अस्पताल ने परिजनों को लंबा-चौड़ा बिल थमा दिया.
अस्पताल ने परिजनों को करीब 19 लाख रुपये का बिल पकड़ाया. साथ ही अस्पताल ने तब तक परिजनों को बच्ची का शव नहीं सौंपा, जब तक परिजनों ने बिल की पूरी रकम अदा नहीं कर दी.
बताते चलें कि बीते दिनों दिल्ली एनसीआर के फोर्टिस अस्पताल में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जिस पर अभी कार्यवाही चल ही रही है. फोर्टिस अस्पताल में इलाज के दौरान 7 साल की बच्ची आद्या की डेंगी शॉकिंग सिंड्रोम से मौत हो गई थी. लेकिन अस्पताल ने परिजनों को 18 लाख रुपये का बिल पकड़ा दिया.

अस्पताल ने आद्या के बिल के लिए 20 पन्नों का पर्चा तैयार किया, जिसमें सिर्फ दवाई का बिल ही चार लाख रुपए था. अस्पताल ने बिल में 2700 ग्लब्स, 660 सिरिंज और 900 गाउन के पैसे भी शामिल किए थे. डॉक्टर की फीस 52 हजार रुपए शामिल की गई थी. 2.17 लाख रुपये के मेडिकल टेस्ट का बिल भी तैयार किया गया था. इस तरह कुल मिलाकर 18 लाख का बिल बनाया गया था.

मामला जब मीडिया में उछला, उसके बाद स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मामले का संज्ञान लिया. गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल इस मामले में धारा 304 (2) के तहत FIR दर्ज हो चुकी है. मृतक बच्ची आद्या सिंह के पिता जयंत सिंह ने गुरुग्राम के सुशांत लोक थाने में इसकी शिकायत दी थी. जयंत सिंह द्वारा 11 पेज की शिकायत में अस्पताल प्रबंधन पर यह भी आरोप लगाया गया था कि आद्या को जब निजी एम्बुलेंस से वापिस लाया जा रहा था तो उसके वेंटिलेटर का स्विच बंद कर दिया गया था.

 

Send Comments
Name
Location
Email
Comments
  Please Enter the above Characters
होमबड़ी खबरराज्यखेलविश्व लाइफ स्टाइलआस्था
जरा इधर भी व्यापार जोक्स हमारे बारे में
 
 

 

Copy Rights Reserved By www.24x7indiaonline.com - 2018