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क्या निर्भया कांड़ डीटीसी बस में भी होगा अब
15 Dec 2017 IST
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दिल्ली- यातायात के वैसे तो साधन बहुत से है कहीं लोग बाईक से जाते हैं तो कहीं कार से अगर सरकार से मिली सुविधा का लाभ ऊठाएं तो डीटीसी बस से आना जाना करते है महिलाएं अपने आपकों सुर्क्षित या तो अपने आने जाने वाली साधन बाईक कार पर भरोसा करती हैं या फिर देर रात तक की साधन डीटीसी बस पर लेकिन जब महिलाएं इन सरकारी सुविधाओं से भी खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे तो फिर घर पर और दफ्तरों में टाईम पर कैसे पहुंचें
यूं तो महिलाओं के साथ बस में कुछ मंचलों के छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता हैं लेकिन अगर डीटीसी बस का ड्राईवर ही बेकाबू होजाएं तो सरकार की सुविधाओं पर सवाल ऊठना लाजमि हैं ऐसी ही एक घटना बृस्पतिवार बिती रात नोएड़ा से दिल्ली जाने वाली बस 392 में एक महिला के साथ हुआ दरअसल ये महिला अपनी ओफिस से घर जा रही थी इस महिला का आरोप हैं कि जब वे डीटीसी बस 392 में ग्रेटर नोएड़ा फोटिज से बस में चढ़ी तो पैंसेंजरों की भीड़ थी लाजपत नगर तक बस को जाते जाते डीटीसी बस में सिर्फ 1 कंडेक्टर पीछे बैठा बस की सीट पर 1 पैंसेंजर और ड्राईवर था
महिला ने एम्स बस स्टोप पर ड्राईवर को बस रोकने को कहां बस के ड्राईवर ने एक न सुनी बस को चलाता चला गया महिला ने कड़ा रुख अपनाते हुए ड्राईवर को बस रोकने को कहां तो बस के ड्राईवर ने ऊसे मारने पीटने की धमकी दि बीच बचाव में आऐ कंडेंक्टर को भी ड्राईवर ने धमकाया महिला ने हालात को बेकाबू होता देख ड्राईवर की सिकायत सीएम से करने की बात की तब जा कर ड्राईवर ने बस रोका
इस तरह के हादसे तो सरकार से पुछने पर मजबूर करती हैं क्या यहीं है दिल्ली की सुरक्षा प्राईवेट बसों की तरह क्या डीटीसी बस में भी अब महिलाए सुरक्षित नहीं हैं ड्राईवरों के सिने पर उंके नाम का बैनर नहीं ऐसा क्यों FRI आखिर किया भी जाएं तो किस के नामका क्या सरकार दुसरे निर्भया कांड़ का इंतजार कर रहीं हैं या पबलिक कैंड़न मार्च का
निभा ठाकुर

 

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