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ज्यादती की शिकार हुई ऑक्सफोर्ड स्टूडेंट ने लिखी हमलावर को चिट्ठी
30 Apr 2015 IST
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लंदन। ऑक्सफोर्ड की छात्रा इयॉन वेल्स 20 साल की हैं। बीती 11 तारीख की आधी रात ज्यादती की शिकार हुईं। लेकिन चुप बैठने के बजाय वेल्स ने यूनिवर्सिटी के न्यूजपेपर में एक खत लिखा। खत उस शख्स के नाम था, जिसने उनके साथ ज्यादती की थी। यह खत अब दुनिया की मीडिया और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों ने वेल्स को बहादुरी का नया चेहरा बताया है। पढ़िए अपराधी के नाम वेल्स की लिखी चिट्‌ठी के अंश।
मैं ये चिट्ठी तुम्हारे नाम नहीं लिख सकती, क्योंकि मैं तुम्हारा नाम नहीं जानती। तुम मेट्रो ट्रेन से मेरी गली तक पीछा करते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए। तुम फिराक में थे कि मुझ तक पहुंचो। मौका मिलते ही तुमने मेरा मुंह ऐसे जकड़ा था कि सांस लेना मुश्किल हो गया था। मैं मदद के लिए चीखी तो तुमने मुझे बाल पकड़ कर घसीटा। मेरे कपड़े फाड़ डाले। मेरा सिर फुटपाथ से दे मारा और कहा कि मैं चिल्लाना बंद करूं। जब मेरी पड़ोसन ने खिड़की से देखा और शोर मचाया, तब भी तुम मुझे मारते रहे। फिर भी तुम मेरा जिस्म हासिल करने में नाकाम रहे, क्योंकि मेरे घरवाले और पड़ोसी निकल आए। तुम भागे और 20 मिनट बाद, दूसरी औरत का पीछा करते उसी स्टेशन पर गिरफ्तार हो गए। मैं सुबह के पांच बजे तक पुलिस स्टेशन में थी। मुझे बिन कपड़ों के शरीर पर तुम्हारे दिए जख्मों की फोटो खिंचवानी पड़ी। और तुम चार मंजिल नीचे हिरासत में थे।
क्या तुमने एक बार भी अपनी जिंदगी में आए लोगों के बारे में सोचा है? मैं एक बहन, बेटी, दोस्त, प्रेमिका और एक पड़ोसी हूं। मैं एक वेटर हूं, जो कॉफी सर्व करती है। ये सारे लोग मुझसे एक रिश्ता रखते हैं, तुमने उन सभी पर हमला किया। तुमने मेरी बिरादरी पर हमला किया। लेकिन मैं कभी लड़ना बंद नहीं करूंगी। और तुम कभी नहीं जीत पाओगे। ये चिट्ठी तुम्हारे लिए नहीं है। यह उन सभी के लिए है जिन पर ऐसे हमले हुए हैं।

मेरे हमलावर... तुम हमें तोड़ नहीं सकते। हम पहले की तरह ही आखिरी ट्रेन से घर लौटेंगे, सड़क पर अकेले चलेंगे। कुछ भी हो घुटने नहीं टेकेंगे। हमारी बिरादरी के किसी सदस्य पर जब भी हमला होगा तो हम सेना की तरह मुकाबला करेंगे। - इयॉन वेल्स

 

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