Corporate: H-70, Sector-63, Noida (UP), 201301
Studio: C-56, A/20, Sec-62, Noida (UP)

होम बड़ी खबर राज्य खेल विश्व मनोरंजन आस्था
जरा इधर भी व्यापार जोक्स हमारे बारे में पत्रिका
16, August,2018 06:36:12
वृन्दावन कोतवाली इलाके में धुरुव ट्रेवल्स के मालिक की गोली मारकर हत्या | सूत्र-जेडीएस को समर्थन पर कांग्रेस में बगावत...सात विधायक बीजेपी के द्वार | मुख्यमंत्री ने जताया घटना पर अफसोस ,घायलों को सभी संभव मदद व उपचार के लिए निर्देश | केशव प्रसाद मौर्य ने कुशीनगर में रेलवे क्रोसिंग पर हुई स्कूल बस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है | 8 वर्षीय नाबालिग बच्ची से रेप की वारदात | भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से सीबीआइ अभी और दो दिन पूछताछ करेगी | काली मंदिर की मूर्ति तोड़े जाने से गावँ में तनाव, | हैलेट में एम्बुलेंस तोड़े जाने के मामले में प्रमुख | गोली मार कर हत्या करने की आसंका | परिवहन निगम में करोड़ों का घोटाला |
News in Detail
अमेरिकी विश्वविद्यालय ने शुरू किया 'सेल्फी' पर पाठ्यक्रम
12 May 2015 IST
Print Comments    Font Size  
सेल्फी का ट्रेंड आए दिन बढ़ता ही जा रहा है इसे देखते हुए अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी ने स्मार्टफोन से ली जाने वाले सेल्फी और सेल्फ पोट्रेट पर अपने यहां नया कोर्स ही शुरू कर दिया. यूनिवर्सिटी ने मौजूदा दौर में सेल्फी और सेल्फ पोट्रेट के सांस्कृतिक महत्व और आत्म-अभिव्यक्ति के विश्लेषण के लिए यह कोर्स शुरू किया है.
खबरों के मुताबिक, 'साउदर्न कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में इसी साल से यह पाठ्यक्रम शुरू कर दिया गया है और विषय का नाम रखा गया है 'राइटिंग 150: राइटिंग एंड क्रिटिकल रीजनिंग (आइडेंटिटी एंड डाइवर्सिटी).'

इसके सहायक प्राध्यापक मार्क मैरिनो ने इस कोर्स का बचाव किया है. उन्होंने कहा, 'मेरे छात्र पढ़ेंगे कि हम एक ऐसे समय में रह रहे हैं जहां सेल्फी संचार का अहम हिस्सा बन चुका है. साथ ही इस कोर्स में यह भी पढ़ाया जाएगा कि हमारी पहचान को किस तरह लिया जा रहा है, और इसमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम अपनी पहचान को कैसे पेश कर रहे हैं.'

कोर्स के मुताबिक, 'स्टूडेंट्स को अपनी पांच तस्वीरें लेनी हैं और उनकी पृष्ठभूमि, आउटफिट, हाव-भाव और तस्वीर में दिख रहे अन्य ऑब्जेक्ट्स का विश्लेषण करना है. स्टूडेंट्स को अपनी सेल्फी का दूसरे स्टूडेंट्स और जानी-मानी हस्तियों की सेल्फी से तुलना भी करनी है.'

सेल्फी को आत्ममुग्ध अभिव्यक्ति की निशानी, जो खुद में डूबे समाज की छवि को पेश करता है, मानने वाली धारणा को खारिज करते हुए मारिनो कहते हैं कि यह हर दौर में मौजूद रहा है

 

Send Comments
Name
Location
Email
Comments
  Please Enter the above Characters
होमबड़ी खबरराज्यखेलविश्व लाइफ स्टाइलआस्था
जरा इधर भी व्यापार जोक्स हमारे बारे में
 
 

 

Copy Rights Reserved By www.indiacrime.in - 2015