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सात हजार से बढ़कर 18 हजार हो जाएगी न्यूनतम सैलरी, OROP की सिफारिश
20 Nov 2015 IST
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नई दिल्ली।
न्यायमूर्ति एके माथुर की अध्यक्षता वाले सातवें केंद्रीय वेतन आयोग ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंप दी। आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते एवं पेंशन में कुल मिलाकर 23.55 प्रतिशत की बढ़ोतरी की सिफारिश की है।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत मूल वेतन में 16%, भत्तों में 63% और पेंशन में 24% वृद्धि की गई है। साथ ही केंद्रीय नौकरियों में न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये और अधिकतम 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह करने की सिफारिश की गई है। ये सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू की जाएंगी। इनसे 47 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 52 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। इनमें सैन्य बलों के कर्मचारी भी शामिल हैं।
न्यायमूर्ति एके माथुर ने सैनिकों की तर्ज पर असैन्य कर्मचारियों के लिए भी समान रैंक, समान पेंशन की व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की। अगर आयोग की सिफारिशें जस की तस लागू होती हैं, तो सरकारी खजाने पर 1.02 लाख करोड़ रुपये का सालाना बोझ आएगा।
वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में सालाना तीन फीसदी वृद्धि की भी सिफारिश की है। साथ ही ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई है। नए वेतन ढांचे में छठे वेतन आयोग द्वारा शुरू की गई पे-ग्रेड व्यवस्था खत्म कर इसे वेतन के ढांचे में शामिल कर दिया गया है और कर्मचारी का ओहदा अब ग्रेड पे की जगह नए ढांचे के वेतन से तय होगा। सातवां वेतन आयोग यूपीए सरकार ने फरवरी 2014 में गठित किया था। आयोग निर्धारित समय में रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाया, जिसके बाद उसे चार महीने का समय और दिया गया था।

 

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