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देशभर में मनाया गया गोपाष्टमी पर्व
11 Nov 2013 IST
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मथुरा, (पवन कुमार गौतम)।
आज पूरे देश में सनातन धर्म के अनुयायी गोपाष्टमी का पर्व मना रहे है और जगह-जगह गाय की पूजा की जा रही है। कर रहे हैध् मथुरा में कृष्ण ने गायों के साथ कई लीलाएँ की है, इसीलिए यहाँ गौ-पूजन का विशेष महत्त्व है।
द्वापर युग में आज ही के दिन भगवान कृष्ण-बलराम ने पहली बार गौचारण लीला की थी और उससे पहले अपने गुरु महर्षि शांडिल्य की आज्ञा से गौ-पूजन किया था। धार्मिक मान्यता है कि गाय के अंग-प्रत्यंग में तैंतीस करोड़ देवी-देवता निवास करते है, इसीलिए गौ-पूजन से उनके पूजन का भी लाभ मिलता है। बृज में धार्मिक मान्यता और कृष्ण-बलराम की परपंरा के अनुरूप जगह-जगह गौशालाओं में गोपाष्टमी के पर्व पर गौ-पूजन किया जाता है। इस दिन सबसे पहले गाय को स्नान कराया जाता है, फिर फूल माला और वस्त्रों से गाय का श्रृंगार किया जाता है। उसके बाद गाय के पैरों में हल्दी लगाकर माथे पर रोली का तिलक लगाया जाता है, फिर आरती उतारने के बाद गाय की परिक्रमा की जाती है। बृज की ज्यादातर गौशालाओं में गोपाष्टमी पर सबसे पहले गौ-पूजन कृष्ण-बलराम के स्वरुप और उनके ग्वाल-बाल करते है। गौ-पूजन के बाद कृष्ण-बलराम के स्वरुप अपनी प्राचीन परंपरा के अनुसार गौचारण को निकलते है।

 

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