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19, September,2018 10:55:56
कासगंज* रक्षाबंधन के पावन पर्व पर IAS आर पी सिंह को बालिका ने राखी बांधी, छोटी बच्ची ने राखी बांधकर सुरक्षा का लिया संकल्प,कासगंज जिलाधिकारी के आवास पर, रक्षाबंधन त्योहार पर राखी बांध कर बच्ची ने की खुशी जाहिर,रिपोर्ट फ़हीम | मेरठ में एसएसपी राजेश कुमार पाण्डेय ने मेरठ वैश्य अनाथालय में चाकर रक्षाबंधन पर्व मनाया। यहां पर एसएसपी के साथ एसपी सिटी तथा थानाध्यक्षों ने राखी बंधवाई। | रक्षाबंधनः मंदिर में राखियां अर्पित कर बहनों ने बांकेबिहारी को अपना भाई बनाया | अमर सिंह ने कहा-अखिलेश यादव समाजवादी नहीं, नमाजवादी पार्टी के अध्यक्ष | मुस्लिम महिलाओं को इंसाफ मिलेगा, पूरा देश उनके साथ: तीन तलाक पर नरेंद्र मोदी | एशियाड: तेजिंदर ने रिकॉर्ड तोड़कर शॉटपुट में जीता सोना, पिता को कैंसर; 7 गोल्ड समेत भारत के 29 पदक | कश्मीर: सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के बाद चार आतंकी गिरफ्तार किए.. | 18 वें एशियन गेम्स के पुरुष हॉकी मुकाबले में भारत ने कोरिया को 5-3 से हराया। | तलाक की अर्जी लंबित होने पर भी मान्य होगी दूसरी शादी: सुप्रीम कोर्ट | ऐसा क्या हुआ कि पहले अश्लील वीडियो बनाकर रेप का लगाया आरोप, फिर जज के सामने मुकर गई |
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देशभर में मनाया गया गोपाष्टमी पर्व
11 Nov 2013 IST
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मथुरा, (पवन कुमार गौतम)।
आज पूरे देश में सनातन धर्म के अनुयायी गोपाष्टमी का पर्व मना रहे है और जगह-जगह गाय की पूजा की जा रही है। कर रहे हैध् मथुरा में कृष्ण ने गायों के साथ कई लीलाएँ की है, इसीलिए यहाँ गौ-पूजन का विशेष महत्त्व है।
द्वापर युग में आज ही के दिन भगवान कृष्ण-बलराम ने पहली बार गौचारण लीला की थी और उससे पहले अपने गुरु महर्षि शांडिल्य की आज्ञा से गौ-पूजन किया था। धार्मिक मान्यता है कि गाय के अंग-प्रत्यंग में तैंतीस करोड़ देवी-देवता निवास करते है, इसीलिए गौ-पूजन से उनके पूजन का भी लाभ मिलता है। बृज में धार्मिक मान्यता और कृष्ण-बलराम की परपंरा के अनुरूप जगह-जगह गौशालाओं में गोपाष्टमी के पर्व पर गौ-पूजन किया जाता है। इस दिन सबसे पहले गाय को स्नान कराया जाता है, फिर फूल माला और वस्त्रों से गाय का श्रृंगार किया जाता है। उसके बाद गाय के पैरों में हल्दी लगाकर माथे पर रोली का तिलक लगाया जाता है, फिर आरती उतारने के बाद गाय की परिक्रमा की जाती है। बृज की ज्यादातर गौशालाओं में गोपाष्टमी पर सबसे पहले गौ-पूजन कृष्ण-बलराम के स्वरुप और उनके ग्वाल-बाल करते है। गौ-पूजन के बाद कृष्ण-बलराम के स्वरुप अपनी प्राचीन परंपरा के अनुसार गौचारण को निकलते है।

 

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